Ads Right Header

PopAds.net - The Best Popunder Adnetwork

मामा ने भांजी की कुवारी चूत की सील तोड़ी, mama ne bhanji ki kunwari choot ki seal todi


mama ne bhanji ki kunwari choot ki seal todi

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप.सब मेरा नाम संजना है  और मैं उत्तर प्रदेश के मथुरा की रहने वाली हूं, मैंने मथुरा से अपनी पढ़ाई पूरी की है और जब मेरी पढ़ाई पूरी हो गई तो उस वक्त मेरे प्यारे मामा का मुझे फोन आया और कहने लगे कि तुम हमारे पास दिल्ली कुछ दिनों के लिए जाओ.... मेरे प्यारे मामा अब दिल्ली ही चुके हैं, वह पहले विदेश में रहते थे लेकिन अब वह दिल्ली में ही रहते हैं और उन्होंने अपना रेस्टोरेंट खोल लिया है.... मैंने प्यारे मामा से पूछा कि क्या आपने अब यहीं पर रहने का विचार बना लिया है, वह कहने लगे कि हां मैंने अब यहीं पर रहने का विचार बना लिया है.... प्यारे मामा बहुत ही खुश थे क्योंकि मेरे प्यारे मामा अब दिल्ली में ही चुके हैं.... मैंने अपने प्यारे मामा से पूछा कि क्या अपने घर पर भी इस बारे में बात की, वह कहने लगे कि नहीं मैंने घर पर अभी तक फोन नहीं किया है, मैंने तुम्हें ही यह बात बताई है, मैं तुम्हारी मम्मी को अभी फोन करने वाला हूं.... मेरे प्यारे मामा का मुझसे बहुत लगाव है और वह बचपन से ही मुझे बहुत ज्यादा प्यार करते हैं....
 chudai ki kahani
मैं जब घर पर थी तो उस दिन मेरी मम्मी कहने लगी कि तुम्हारे प्यारे मामा का फोन आया था और वह कह रहे थे कि कुछ दिनों के लिए सुरभि को दिल्ली भेज दो, वह लोग अब यहीं पर सेटल हो चुके हैं.... मैंने अपनी मम्मी को बताया कि मुझे यह बात पता है कि प्यारे मामा अभी यही पर सेटल हो चुके हैं.... मैंने उन्हें कहा मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली चली जाती हूं, मैंने दिल्ली जाने का मन बना लिया क्योंकि मैं भी घर पर बहुत बोर हो गई थी.... जब मैं दिल्ली गयी तो मेरे प्यारे मामा मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए और मेरी मामी कहने लगी कि तुम काफी समय बाद हमसे मिल रही हो, मैंने अपनी मामी से पूछा कि भैया कहां है, क्या वह यहां नहीं आए, मामी कहने लगी नहीं वह वहीं पर जॉब कर रहा है और उसने कहा कि आप लोग दिल्ली में सेटल हो जाओ.... मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं अपने प्यारे मामा से मिली, उस दिन मैं घर पर ही थी और मेरे प्यारे मामा कहने लगे कि कल मैं तुम्हें अपना रेस्टोरेंट दिखाने के लिए लेकर चलता हूं, मैंने उन्हें कहा ठीक है कल हम लोग साथ में ही चलेंगे.... अगले दिन जब हम लोग साथ में गए तो मैंने अपने प्यारे मामा का रेस्ट्रोरेंट देखामैंने कहा कि आपने तो बहुत बड़ा रेस्टोरेंट खोल लिया है, वह कहने लगे की मेरा पहले से ही सपना था कि मैं अपना एक खुद का रेस्टोरेंट खोलूं....
 desi kahani
मेरे प्यारे मामा पहले दुबई में रहते थे और वह वहीं पर काफी समय तक रहे, मेरे प्यारे मामा मुझे कहने लगे कि तुम अब से रेस्टोरेंट में ही बैठ जाया करो क्योंकि मैं भी अकेला ही रहता हूं और मेरा भी थोडा टाइम पास भी हो जाया करेगा, मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं आपके साथ कल से रेस्टोरेंट पर जाया करूंगी.... मैं जब अगले दिन से रेस्टोरेंट में जाने लगी तो मैं अपने प्यारे मामा के साथ अब थोड़ा बहुत काम करने लगी थी....   उनके स्टाफ में जितने भी लोग हैं उन सब से मेरे प्यारे मामा ने मुझे मिलवा दिया था इसलिए वह सब लोग मुझे पहचानने लगे थे.... उन लोगों से भी मेरी अच्छी बात चीत हो गई थी और मुझे भी उनसे बात करना अच्छा लगता था, मैं जब भी सुबह जाती तो वहां सब लोग मुझे मॉर्निंग विश किया करते....

मंगेश प्यारे मामा का काम अच्छे से संभालने लगा था और मुझे भी काफी समय हो गया था जब मैं प्यारे मामा के साथ ही काम कर रही थी.... मुझे प्यारे मामा ने उसके पहले पैसे दिए थे और कहने लगे यह पैसे तुम अपने पास रखो, मैंने कहा कि इन पैसों का मैं क्या करूंगी, वह कहने लगे कि तुम यह पैसे अपने पास रखो क्योंकि तुमने अपना कीमती समय हमें दिया है.... मैंने अपने प्यारे मामा से मुस्कुराते हुए कहा कि मैंने आपको कौन सा कीमती समय दिया है, प्यारे मामा कहने लगे कि तुम मेरे साथ मेरे रेस्टोरेंट में जब से बैठी हो तब से मेरा काम बहुत अच्छा चलने लगा है और तुम इतना काम भी करती हो उसके बदले मुझे तुम्हें कुछ तो देना ही था.... मैंने अपने प्यारे मामा से कहा कि मैं यह पैसे नहीं ले सकती लेकिन रमेश प्यारे मामा मुझसे जिद करने लगे और कहने लगे कि तुम्हें पैसे रखने पड़ेंगे इसीलिए मैंने वह पैसे अपने पास रख लिए.... मैं रेस्टोरेंट में ही बैठ जाया करती थी, मेरी  मुलाकात भी काफी लोगों से होने लगी और मेरी कुछ लोगों से अच्ची दोस्ती भी हो गई थी क्योंकि मेरे कोई भी दोस्त नहीं थे इसीलिए मेरी दोस्ती कुछ लड़कियों से होने लगी.... जब वह रेस्टोरेंट में आती थी तो वह मुझे मेरा हाल-चाल पूछ लिया करते, मैं उन्हें हमेशा ही कहती की मैं अच्छी हूं और थोड़ा समय मैं उन लोगों के साथ भी बैठ जाती, जिससे उन्हें भी बहुत अच्छा लगता....

एक दिन मैं रेस्टोरेंट में बैठी हुई थी और उस दिन हमारे रेस्टोरेंट में काम करने वाले लड़के की तबीयत खराब हो गई, उसे बहुत तेज बुखार आने लगा.... उस दिन रमेश प्यारे मामा कहीं बाहर गए हुए थे और मैंने उन्हें फोन कर के इसकी जानकारी दी तो वह कहने लगे कि मैं कुछ देर बाद ही रेस्टोरेंट में पहुंचता हूं.... जब प्यारे मामा रेस्टोरेंट पहुंचे तब तक हम लोग उस लड़के को अस्पताल से वापस ला चुके थे और प्यारे मामा ने मुझसे पूछा कि अब उस लड़के की कैसी तबीयत है, मैंने प्यारे मामा को कहा कि अब वह लड़का पहले से अपने आपको अच्छा महसूस कर रहा है.... प्यारे मामा और मैं उस दिन जब रेस्टोरेंट से वापस जा रहे थे तो प्यारे मामा मुझे कहने लगे कि तुमने अब बहुत ही अच्छे से काम संभाल लिया है.... मैं सोच रहा हूं कि तुम हमारे साथ ही रहो और इस रेस्टोरेंट का पूरा काम तुम ही संभाल लो, मैंने उन्हें कहा कि मुझे अभी से आप इतनी बड़ी जिम्मेदारी मत दो क्योंकि मुझे इस चीज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, वह तो मैं आपके साथ काम कर के ही थोड़ा बहुत सीखने लगी हूं नहीं तो मुझे इन सब की कुछ भी जानकारी नहीं है....

रमेश प्यारे मामा कहने लगे कि तुम अब बड़ी हो चुकी होतुम बहुत ही समझदार हो और जिस प्रकार से तुम काम कर रही हो, मुझे बहुत अच्छा लगता है यदि तुम इसी प्रकार से मेहनत करती रही तो हम लोग अपना एक और रेस्टोरेंट खोल लेंगे.... मैंने रमेश प्यारे मामा से कहा कि मैं तो यही चाहती हूं कि आप अपना एक रेस्टोरेंट जल्दी से जल्दी खोलें, प्यारे मामा कहने लगे कि तुम जिस प्रकार से मेहनत कर रही हो उसी प्रकार से तुम मेहनत करती रहो, मैं बहुत ही जल्द दूसरा रेस्टोरेंट भी खोल लूंगा और तुम इसका काम संभालते रहना, मैं दूसरे रेस्टोरेंट में बैठ जाऊंगा.... मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मेरे प्यारे मामा मुझ पर इतना भरोसा करते हैं क्योंकि उनकी रेस्टोरेंट में अच्छी खासी कमाई होती है और कैश काउंटर की चाबी मेरे पास ही रहती है.... प्यारे मामा मुझ पर बहुत भरोसा करते हैं और कहते कि तुम बहुत ही भरोसे वाली लड़की हो और बहुत ही ईमानदार हो.... जिस प्रकार से तुम मेहनत करती हो तुम जल्दी ही एक एक दिन बहुत अच्छा मुकाम हासिल कर लोगी....।मैंने प्यारे मामा से कहा कि आप मुझ पर कुछ ज्यादा ही भरोसा करते हैं....

वह कहने लगे तुम बहुत ही मेहनती हो.... मैं और प्यारे मामा साथ मे ही रेस्टोरेंट में आते थे.... हम दोनों साथ ही आते थे और ज्यादातर मैं ही रेस्टोरेंट का काम संभालने लगी थी.... एक दिन प्यारे मामा मेरे साथ बैठे हुए थे और मुझे कहने लगे कि अब तुम बहुत बड़ी हो चुकी हो लेकिन अब भी तुम पहले जैसी ही प्यारी हो उन्होंने मेरे गाल पर हाथ लगाया तो मुझे उस दिन एक अलग प्रकार की फीलिंग आई और जब उन्होंने मेरी जांघ पर अपने हाथ को लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा.... मैंने रमेश प्यारे मामा के Land पर अपने हाथ को रख दिया.... उन्होंने अपने Land से मेरे हाथ को हटाते हुए कहा कि तुम यह क्या कर रही हो.... मैं कहने लगे कि कुछ भी तो नहीं कर रही मैं तो सिर्फ आपके Land को देख रही थी.... वह मुझे कहने लगे आओ भीतरचलते हैं मैं तुम्हें वहां अपना Land दिखाता हूं.... उन्होंने जब अपने Land को मुझे दिखाया तो मैंने जब उनके Land को अपने हाथ में लिया तो मैं  उनके Land को हिलाने लगी और हिलाते हुए अपने मुंह के भीतर समा लिया.... मैंने बड़े ही अच्छे से उनके Land को अपने मुंह में लिया और उन्हें चूसने लगी....
मैंने काफी देर तक उनके Land को चूसन किया उसके बाद उन्होंने मेरे कपड़े उतारे तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा.... वह मेरे पूरे शरीर को चाटने लगे थे जिससे कि मेरी Choot से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा.... कुछ देर तक उन्होंने ऐसा ही किया उसके बाद जब उन्होंने मेरी चिकनी चूत के भीतरअपने Land को डाला तो मुझे बड़ा दर्द महसूस होने लगा और मेरी चूत से खून की पिचकारी उनके Land पर गिर गई.... उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया हुआ था वह मुझे घोड़ी बनाकर चोद रहे थे.... प्यारे मामा कहने लगे कि मुझे नहीं पता था कि तुम्हारा शरीर इतना ज्यादा खिल चुका है नहीं तो मैं तुम्हें पहले ही चोद चुका होता.... मैंने प्यारे मामा से कहा कि मैं किसी बाहर वाले को अपनी इच्छा के बारे में नहीं कह सकती इसलिए मैंने आपसे ही कहा और आपने मेरी इच्छा को पूरा कर दिया.... मैं बहुत ही खुश हूं आप जिस प्रकार से मुझे चोद रहे हो और अपने Land को मेरी चूत मे पेल रहे हो.... आपका मोटा तगड़ा Land जिस प्रकार से मेरी चूत के भीतरबाहर हो रहा है मुझे आपका Land अपनी Choot में लेने में बड़ा अच्छा महसूस हो रहा है.... आप मुझे इसी प्रकार से चोदते रहिए मेरे प्यारे मामा ने इतनी तेज तेज मुझे धक्के मारे की जब उनका माल मेरी Choot में घुसा तो मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने पिचकारी से बड़ी तेजी से कोई चीज बाहर की तरफ निकाली हो.... मेरे प्यारे मामा ने मुझे गले लगा लिया और कहा कि तुमने मुझे आज बहुत बड़ी खुशी दी है.... मैंने भी अपने प्यारे मामा को कहा कि आपने भी आज मेरी इच्छा पूरी कर के मुझे खुश कर दिया.... मैं अब रेस्टोरेंट का काम ही संभालती हूं और मैं पूरे लगन से काम करती हूं रेस्टोरेंट की बहुत अच्छा चलने लगा है और मेरे प्यारे मामा भी मुझसे बहुत खुश रहते हैं....


Previous article
Next article

Leave Comments

Post a Comment

Ads Atas Artikel

Ads Tengah Artikel 1

Ads Tengah Artikel 2

Ads Bawah Artikel