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Sasural Me Meri Samuhik Chudai

Sasural Me Meri Pahali Samuhik Chudai

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सब आशा करती हूँ आप बहुत अच्छे होंगे और अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई मे मस्त होंगे. देशी कहानी मैं मेरी  पहली  सामूहिक चुदाई के है........... मेरा नाम सावित्री है और मेरी उम्र 18 साल 3 महीने है। मैं बहुत गोरी और सेक्सी फिगर की लड़की हूँ। मेरे स्तनों ज्यादा बड़े तो नहीं........... लेकिन मैं बहुत ज्यादा सेक्सी हूँ। मेरे फिगर की बात करू तो मेरी छातियाँ 32 इंच और मेरी कमर 30 इंच और मेरे चूतड़ों का साइज़ 36 है। मेरी गांड को देखकर रंडुआ लोगों के लंड भी  पानी छोड़ देते है और मैं मध्यप्रदेश के एक छोटे से शहर सागर  की रहने वाली हूँ। दोस्तों आज मैं जिस कहानी को आप सभी के सामने लेकर आई हूँ....................... आपको यहाँ बताती चलूँ की कोई काल्पनिक  यह कहानी नहीं हैं बल्कि  मेरे साथ घटित  हुई एक सच्ची घटना है। जिसे पढ़ कर आप लोगो के सोये हुए लंडों मैं भी जान आ जाएगी. Desi Kahani
जिसने मेरी पूरी जिन्दगी ही बदल कर रख दी। दोस्तों यह मेरीdesi kahani पर  पहली कहानी है और अगर मुझसे इसमैं कोई भी गलती हो जाये  प्लीज गुस्सा न करे. दोस्तों मेरे पिता रामदत्त पासवान बहुत ही ग़रीब है और मैंने अपनी 12वींतक की  पढ़ाई बहुत ही गरीबी की हालत मैं पूरी की है। मैं पढ़ाई और घर के सभी कामों मैं बहुत अच्छी हूँ। लेकिन जवानी से  पहले ही दिखने वाले मेरे बदन मैं कामुक और सेक्सी परिवर्तन वजह से मेरे पापा ने एक वर्ष पहले ही  मेरी शादी पास ही के गावं के एक दूधिया  के 30 वर्षीय एक काले और लम्बे चौड़े  के बेटे से कर दी। अभी तो मैंने अच्छे से अपनी जिन्दगी के वो दिन भी नहीं देखे थे मुझे chudai के बारे मैं ज्यादा नॉलेज नहीं थी कोई मुझे चोदने की नियत से देख रहा है मुझे इस बात का भी आभास नहीं था.  जिसमे मुझे कोई अपनी निगाह से घूरकर देखे।

Sasural Me Samuhik Chudai – 

मीर लड़के ने धोखे से चोदा

मेरे कामुक और मादक बदन को देखकर शादी मैं दूधिया  ने मेरे पिता से दहेज मैं कुछ भी नहीं माँगा दूसरी बात उसके लड़के की शादी भी नहीं हो रही थी. बस यह कहा कि शादी के बाद लड़की कभी अपने मायके नहीं जाएगी और फिर मेरी शादी एक आम शादी की तरहसंपन्न  हुई.......................... ये देशी कहानी आप desikahani.xyz पर पढ़ रहे है................................. लेकिन मुझे अपने ससुर की भी नीयत साफ नहीं लग रही थी क्योकि मेरा ससुर 20 साल पहले विधुर हो गए थे तो उनका भी लंड 20 साल से चुदाई करने के लिए लालायित था. मेरे ससुराल मैं मेरी ननद, ससुर मेरा पति शंकर और मेरा देवर भानु रहते है। मेरे ससुर दूधिया रामदत्त पासवान 49 साल के है और मेरी ननद आनंदी 20 साल की थीआनंदी बड़ी ही चुदक्कड थी उसने गाँव का ऐसा कोई भी मर्द नहीं छोड़ा जिससे उसने खेतो न चुदवाया हो. और देवर की उम्र 25 साल है। वो मेरी शादी के बाद का ससुराल  मैं पहला दिन था और सभी मेहमानों और नाते-रिश्तेदारोंविदा हो जाने के जाने के बाद मैं थोडी देर के लिए  आराम करने बेड पर लेट गई। तभी अचानक से मेरी ननद आनंदी कमरे मैं आई और बोली भाभी तू अभी तक सोई पड़ी है................................ चल उठ जल्दी सेये सुन कर  तो मैंजल्दी- जल्दी से कांपती हुई उठकर खड़ी हो गई।
फिर ननद ने कहा  कि अभी तो तेरी मुहं दिखाई की रस्म बाकी है और अब तू इस घर के कुछ नियमकायदे  सीख ले...............................घर पर तुझे सब रंडी या गालियाँ देकर ही बुलाएँगे और तुझे घर मैं एक नौकरानी की तरह बाकी नौकरो के साथ काम करना पड़ेगा। मैं जो कपड़े दूँगी तू वो ही पहनेगी और तू किसी भी काम के लिए कभी भी मना नहीं करेगी। फिर मैं यह सब बातें सुनकर बहुत डर गयी। तो फिर मेरी सास ने मुझे इसके आगे बताया कि तू इस घर की रंडी बनकर रहेगी। आज तेरा मुहं और चूत दिखाई होगी...........
तू घर के सभी मर्दों को खुश और संतुष्ट करेगी। यह बात सुनकर तो मैं बहुत भौचक्की रह गई और फिर उन्होंने अपने साथ लाए कपड़े मुझे दिए और कहा कि नहाकर यह कपड़े पहनकर अपने ससुर के कमरे मैं जाना और थोड़ा जल्दी........... वरना मैं तेरा बहुत बुरा हाल करूँगी कि तू जिन्दगी भर नहीं भूलेगी। तो मैं जल्दी से नहाने के रूम में  गई और फटाफट नहाकर धोकर बाहर आई और जब मैंने वो कपड़े देखे जो मेरी सास ने लाकर मुझे पहनने के लिए दिए थे तो मैं उन्हें देखकर बहुत हैरान हुई।

Sasural Me Bahu Ki Samuhik Chudai-


पहनने के कपड़ों केवल लाल रंग की एकपतली सी  चोली और घाघरा था............................................ वो चोली भी बहुत छोटी और टाइट थी जो पीछे से एक पतली सी डोरी से बंधी हुई थी और उसमे से मेरे 32 साईज़ की चुचियाँ सब बाहर दिखाई रहे थे और घाघरा इतना छोटा कि मेरीगोरी-गोरी  नंगी जांघेसाफ-साफ दिख रही थी और उसके साथ एक जाली का दुपट्टा था जो कि कुछ भी छुपा नहीं रहा था।
फिर मुझे अपने आपको ऐसे दिखाने मैं बहुत ज्यादा शर्ममहसूस हो  रही थी और ऐसे ही मुझे अपने ससुर के सामने जाना था। मेरे ससुराल में  सभी कमरों के बीच में एक खुलासा आँगन है और जब मैं अपने कमरे से बाहर निकली तो घर के नौकर हिम्मत सिंह और रग्घू मुझे आंखे फाड़-फाड़ कर देख रहे थे और तभी तभी  मेरा देवरभानु  मेरे पास आया और बोला ओय रंडी भाभी तू तो बड़ा  माल लग रही है आज? ये कहानी आप desikahani.xyz पर पढ़ रहे हैं बोला की  जब मेरा तेरी मारने  नंबर आएगा तो मैं तेरी वो हाल करूँगा कि तू सोच भी नहीं सकती................................................................... चल अभी के लिए एकमुझे एक  चुम्मा ही दे और यह कहकर वो ज़बरदस्ती मुझे चूमने लगा और मेरे स्तनों को दबाने लगा और ये सब वो नौकरो के सामने ही कर रहा था। फिर वो बोला कि चल कुतिया अभी अपने ससुर को अपनी नई नवेली kuwari Choot के दर्शन देआ और फिर उसने मुझे मेरे ससुर के कमरे के दरवाजे पर छोड़ दिया तो अपने देवर के चूमने और मेरे छातियाँ दबाने से मेरी चूत एकदम  गीली हो गयी थी क्योकि ये सब मेरे साथ पहली बार हुआ था फिर मैंने की कुण्डी को खटकाया............................................ तभी मुझे अंदर से मेरी ननद आनंदी की आवाज़ आई की आ गयी रंडी अंदर जा मेने देखा वो ससुर के लंड मालिश कर रही थी ...................... बाप से ससुर का लंड था की कोई लम्बी और मोटी काली लौकी  आनंदी बोली की  अपने घुटनों पर बैठकर घोड़ी के जैसी  बन जा
फिर मैंने दरवाजे से थोड़ा अंदर आकर देखा कि अंदर कमरे मैं बहुत रोशनी थी और मेरे ससुर कुर्सी पर बैठे थे और मेरी ननद सरसों के तेल की सीसी को पकडे हुए थी तभी ससुर गुस्से मैं बोले कि साली रंडी हरामजादी तू कितनी देर मैं आई है चल अब यूँ ही घुटनों के बल बैठकर कुतिया जैसे चलकर मेरे पास और मेरे लंड की गोटियों को चाट फिर जब मैं घुटनों पर कुतिया बनने के लिए बैठी तो बिना ब्रा के मेरे दोनों छातियाँ  चोली के बाहर लटक गये और मेरी नंगीगोरी भूरी kuwari  gand दिखने लगी और मुझे बहुत शर्म रही थी...........
लेकिन मेरे पास और कोई रास्ता भी नहीं था। फिर मैं वैसे ही कुतिया की तरह अपने घुटनों के बल अपने ससुर के पास गयी और उनके जूते चाटने लगी........... ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है........... मेरा मुहं नीचे अपने काम मैं लगा हुआ था और मेरी गांड के ऊपर मेरे ससुर अपना एक हाथ फिराकर दबा रहे थे। उन्होंने धोती कुर्ता पहना था। फिर वो मुझसे बोले कि अब तू अपने स्तनों मेरे पैरों पर रगड़ और अपने आपको गालियाँ दे और मेरा लंड माँग।

Sasur  ke Sath Chudai – 

फिर मैंने अपने लटकते हुए स्तनों अपने ससुर के पैरों पर रगडे और गालियाँ देनी शुरू की........... मालिक मैं रंडी, हरामजादी कुतिया हूँ................................. मालिक मैं आपके विशालकाय लंड के लिए  प्यासी हूँ....................... मालिक मुझे आपका लंड चूसने दीजिए। मेरी चूत को आप जैसे चाहे मारो........... मालिक मैं आपकी रंडी हूँ। मैं ऐसे कह रही थी तभी उन्होंने अपना लंड धोती से निकाला और मेरे मुहं मैं डाल दिया और मेरे बाल पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगे........... उनका लंड मेरे गले तक रहा था और उन्होंने जल्दी ही मेरे मुहं मैं सारा वीर्य का पानी छोड़ दिया और यह सब देख रही मेरी सास भी गरम हो गयी थी और अपनी चूत मैं उंगली कर रही थी।
तो मेरे ससुर ने कहा कि अब जा साली रंडी अपनी सास की चूत चाट........... मुझे लगा कि ससुर जी ने अब मुझे फ्री कर दिया और मैं वैसे की कुतिया बनकर बिस्तर पर सास के पास गयी। उन्होंने अपनी गीली चूत फैला दी और मैं उनकी चूत चाटने लगी। तभी मेरे ससुर पीछे से अपनी छड़ी लेकर आए और मेरी गांड मैं डाल दी मैं बहुत ज़ोर से चिल्लाई तो मेरी सास ने मुझे चार जोरदार थप्पड़ मारे और गालियाँ दी........... रंडी कमिनी लगता है पहली बार तेरी गांड मारी जा रही है। मैं चुप हो गयी और मेरी सास की चूत वापस चाटने लगी। तो मेरी सास अपनी चूत चटवाते हुए सिसकियाँ ले रही थी और मेरे स्तनों ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी।
तभी मेरे ससुर ने मेरी चूत मैं पीछे से ही अपना लंड डाल दिया और कुतिया की तरह चोदने लगे........... मैं बहुत गरम हो गयी थी और मेरी सास भी अब एक बार झड़ चुकी थी........... लेकिन मैं अभी भी आहह आह्ह्ह कर रही थी और कह रही थी और चोदो मुझे और चोदो मुझे........... 20 तक मिनट चोदने के बाद मेरे ससुर ने अपना लंड मेरी चूत सेझटके के साथ खीच कर  बाहर निकाला और सारा वीर्य ज़मीन पर झाड़ दिया........... लेकिन मैं अभी तक एक बार भी झड़ी नहीं थी और चुदाई के लिए तड़प रही थी। तो यह देखकर मेरा ससुर बोला कि साली रंडी और चुदना चाहती है ना........... फिर मैंने कहा कि हाँ मेरे मालिक तो उन्होंने एक1.5 इंच मोटी मोमबत्ती लेकर और मेरी चूत मैं घुसेड दी और कहा कि अब उछल साली हरामजादी कुतिया........... अब तू इस मोमबत्ती को और चूत को हाथ मत लगाना और सुबह तक तड़प।
फिर मुझे  मेरे पति शंकर  के कमरे में भेज  वो अभी सो रहा था........... मेरे ससुर ने कहा था की  तू उससे जगाना मत........... बस नंगी होकर और उसका लंड अपने मुहं मैं लेकर  रखना और सुबह लंड चूसते हुए  ही उसे उठा देना। उसे ऐसे ही सोने की आदत है बाकी का काम मैं तुझे कल सुबह बता दूंगा

Samuhik Desi Chudai Kahani– 

और अपने पति के कमरे मैं आई और मैंने देखा कि वो नंगा होकर अपने पैर फैलाए सो रहा था और जैसा मेरी ननद और ससुर ने कहा था। मैं अपनी घाघरा चोली उतारकर नंगी होकर अपनी चूत मैं मोमबत्ती डाले बिस्तर पर गयी और अपने पति का लंड मुहं मैं डालकर सो गयी। फिर रात को गहरी नींद मैं मेरा पति मेरे स्तनों अपने दोनों हाथों से मसल रहा था।
दोस्तों इसके बाद मेरे पति ने मुझेबड़ी बेदर्दी से अपने 3 इंच मोटे लंड से  तड़पा तड़पा कर चोदा और अब मेरा देवर भानु भी मुझे अपनी रण्डी बनाकर चोदता है और मेरी ननद  मुझे बीच आँगन मैं नंगा करके नौकरो सेएक साथ आगे पीछे से चुदवाती है और सबके खाना खाते समय भी  मैं सबका लंड चूसती हूँ और घर के मर्द मेरे स्तनों को चूसते है और मेरे ससुर मुझे अपने कुत्ते के साथ कुतिया बनाकर बेल्ट से बाँधकर रखते है।
एक दिन तो हद हो गयी मेरे ससुर ने पशुओं के बाड़े में गधे के लंड से भी चुदवा दिया. क्या करू ऐसे परिवार का मुझे कोई रास्ता बताये.
घर मैं कोई भी कभी भी मेरी चूत मैं लंड पेल  देता है और ख़ास मेहमनो के सामने मुझे नंगी होकर पहले खाना सर्व करना पड़ता है और फिर मुझे रंडी बनाते है। हर दिन मेरे जिस्म से नया खेल खेलते है। दोस्तों मेरी लंडो से डरी सहमी चूत से आप सभी लोगों को सलाम
आपको ये kahani कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताये.

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