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मोटे लंड से चुदाई हिंदी कहानी


मेरा नाम अनामिका है, मेरी उमर 27 साल है, मेरी शादी हो चुकी है। मेरे हबी राकेश बड़े स्मार्ट और सेक्स में पावरफ़ुल हैं पर वो ज्यादातर समय बाहर ही गुजारते हैं और मुझमें सेक्स की भूख बहुत ज्यादा है इसलिये मैं हर वक्त नये Land की तलाश में रहती हूं। अपनी पिछली कहानी में मैने बताया था कि किस तरह मेरे ड्राइवर अमित ने मुझसे जबरदस्ती रेप किया था।

आज मैं आपको अपनी एक नयी कहानी सुना रही हूं जिसमे मैने और मेरी दोस्त (अब वो मेरी ननद है) निशा ने किस तरह चंडीगढ़ में चुदाई के साथ इनकम भी की। ये बात 2015 की है जब मैं और मेरी दोस्त चंडीगढ़ में बीए- की पढ़ाई कर रही थी। हम दोनो ही शुरु से चुद्दकड़ थी और अक्सर अपने ब्वायफ़्रेंड के साथ डेट पर जाती और चुदाई का मज़ा लेती। एक बार मैं अपने दोस्त के साथ शिमला घूमने के लिये गयी हुई थी। वहां पर हमने दिन तक खूब चुदाई का नज़ारा लिया। वहां जिस होटल में हम रुके हुए थे वो होटल पर अक्सर काल गर्ल आती रहती थी और उस होटल में लगबग हर टोरिस्ट इसी लिये आता था।
मैं एक दिन शाम के वक्त बार टेबल पर बैठी थी मेरा दोस्त अभी रूम से नीचे नहीं आया था तभी एक सांवले रंग का मजबूत बदन का मर्द मेरे पास कर बैठ गया। उसने मुझे काल गर्ल समझ लिया था। मेरे पास कर उसने मुझे ड्रिंक की पेशकश की जिसे मैने ठुकरा दिया। उसके बाद उसने मुस्कराहट पास करते हुए मुझे से नाम पूछते हुए अपना परिचय देने लेगा। कुछ देर बाद उसने असली बात पर आते हुए मुझे रात की ओफ़र की और इसके लिये उसने बिना मेरी तरफ़ देखे १०० रुपये के काफ़ी सारे नोट मेरी तरफ़ बढ़ा दिये।
एक बार तो मैं उसकी हरकत पर हैरान हो गयी और मुझे गुस्सा भी आया पर दूसरे ही पल मेरे दिमाग में एक नया विचार आया (हालांकि मैं भी बहुत रिच फ़ैमिली से हूं पर जैसा कि सभी पाठक जानते हैं कोलेज लाइफ़ में पोकेट मनी की प्रोब्लम रहती है) कि ये तो पैसे के सत्तह मजा और नये Land के साथ बाहर घूमने का बड़ा अच्छा साधन है। पर उस वक्त मैं अपने दोस्त के साथ थी। मैने उसे अपना पता देते हुए बाद में कोन्टेक्ट करने को कहा।Read  https://www.desikahani.xyz/
कई दिनो के बाद मुझे उसका सन्देशा मिला कि उसे लड़कियां पांच दिन के लिये चाहिये। वो और उसका दोस्त अपनी आउटिंग को इस बार रंगीन करना चाहते हैं। मेरे पूछने पर बताया की उन लोगों को चंडीगढ़ के अन्दर अपना होलीडे बिताना है। मैने उससे उसका फ़ोन नम्बर ले लिया और बोला कि मैं आपको कल तक बता दूंगी।
मैं तो उसी वक्त तैयार थी पर अब उसे  लड़कियों की जरूरत थी जबकि मैं अकेली थी। तभी मेरे मन में निशा का ख्याल आया। वैसे भी हम अकसर इकट्ठी चुदायी पर जाती थी।
पहले तो निशा ने इन्कार कर दिया पर मेरे समझाने पर वो राजी हो गयी। मैने उसी शाम उसको फोन करके रुपये और टाइम की सेटिंग कर ली। हम लोगों ने पांच दिन के उनसे २०००० रुपये मांगे। दिन के बाद हम चंडीगढ़ के लिये निकल पड़े। अब हम दोनो बहुत खुश थे। एक तो हमे - नये Land मिलने वाले थे दूसरा हमे २००००/- रुपये भी मिलने वाले थे चंडीगढ़ बस स्टेंड पर ही वो दोनो हमें मिल गये। हम दोनो उनके साथ कर पर चल पड़े। उन लोगों ने होटल पिकडेली में रूम ले रखा था। हमने रूम में पहुंचते ही उन्होने हमें नंगा होने को कहा और खुद फोन कर के वेटर को खाने का ओर्डर दे दिया।

चचेरी बहन की चुदाई 

हम लोगो ने पहले बाथ लेने की इच्छा जतायी। अनुज (उनमें एक का नाम) ने कहा ठीक है परन्तु पहले कुछ खा लो। इतने में वेटर कोफ़ी और कुछ स्नैक्स ले आया। कोफ़ी लेने के बाद हम नहाने के लिये बाथरूम में चले गये। जैसे ही निशा ने बाथरूम का गेट बंद करना चाहा तो उसे करण ने रोक दिया और कहने लगा, अब कोई शरम नहीं, दरवाजा खुला रहने दो हम देखना चाहते हैं कि तुम कैसे एक दूसरे को नहलाती हो। क्योंकि इस वक्त हम उनकी पेड सेक्स थी इसलिये चुप-चाप उनकी बात मानते हुए नंगी नहाने लेगी।/ बुर(योनि) में दारू की बोतल डालते हुए
कुछ समय के बाद अनुज और करण भी बाथरूम के अंदर गये। वो दोनो बिल्कुल नंगे थे। अनुज बोला इकठे नहाएँ? मैने उन्हें कहा ओके। अनुज ने करण से केहा चलो हम चारों सब साथ साथ ही नहा लेते हैं, फिर चुदाई करेंगे और हम सब बाथरूम में इकट्ठे नहाने लेगे। मैं अनुज की तरफ़ देख कर मुस्कुरा रही थी। उसका खड़ा हुआ Land देख कर मेरा हाथ अन्जाने में मेरी बुर(योनि) पर चला गया और मैं अपनी बुर(योनि) में उसके सामने ही उंगली करने लगी। ये देख कर करण बोला अरे तुम क्यों अपनी बुर(योनि) में उंगली कर रही हो। तुम तो अपने हाथ से अनुज के Land का मजा लो और फिर जम कर चुदवाओ।. अनुज ने तभी एक हाथ से मेरी चूचियों को मसलना शुरु कर दिया और दूसरे हाथ की दो उंगलियां मेरी बुर(योनि) में डाल दी। मुझसे रहा नहीं गया और मैं भी अपने एक हाथ से उसके लम्बे और मोटे Land को कस के पकड़ कर आगे पीछे करने लगी। उसके Land का सुपाड़ा काफ़ी बड़ा था और बिल्कुल काले रंग का था।

papa ne ke sath 16 va janmdi manay
उधर निशा और करण शोवर के नीचे एक दूसरे से चिपके हुए खड़े थे और निशा करण के Land को पकड़ कर खींच खींच कर हिला रही थी। करण एक हाथ से निशा के दोनो नंगे बुर(योनि)ड़ों को मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी बुर(योनि) में उंगली से चोद रहा था। मैने भी अनुज के तने हुए Land को इतना चूसा कि उसके सुपाड़े से चिकना चिकना पानी निकलने लगा। हम दोनो वहीं बाथरूम फ़्लोर पर ६९ के पोज में लेट गये। अनुज की झीभ मेरी बुर(योनि) में आग लगा रही थी। मैं अनुज के Land को हाथ से पकड़ कर खींच खींच के चूस रही थी। तभी अनुज मेरे मुंह में ही झड़ गया। मैं तो उसके Land से निकले डिस्चार्ज की मात्रा देख कर ही हैरान रह गई। करीब एक कटोरी सफ़ेद सफ़ेद गाढ़ा गाढ़ा माल उसके Land से निकला जो मेरे मुंह में भर गया। मैं धीरे धीरे उस सारे खट्टे खट्टे माल को अपनी झीभ से चाट चाट कर पी गयी। इस से पहले मैने जितने भी देखे थे उनके Land से तो इसका करीब आधा माल ही निकलता है।

Uncle ke mote land se chudai
मेरा मन अभी भरा नहीं था इसलिये उसके झड़े हुए लम्बे लटकते हुए Land को मैने फिर से चूसना शुरु कर दिया। अनुज अभी भी मेरी बुर(योनि) चाटने में लगा था। मैं तो ये सोच कर मजे में बिल्कुल पागल सी हो गयी कि ये Land आगले पांच दिन के लिये मेरे पास रहेगा। जब अनुज से नही रहा गया उसने मुझे वहीं बाथरूम के फ़्लोर पर कुतिया की तरह पोज बना कर बिठा दिया और मेरी दोनो टांगे फैला कर पीछे से मेरी बुर(योनि) में अपना इंच लम्बा और चार इंच मोटा गधे जैसा Land पेल दिया और एक जोरदार धक्का लगाया। मेरी बुर(योनि) चुदने के लिये बिल्कुल गीली हो कर इतना खुल गयी थी कि एक ही धक्के में अनुज का पूरा Land गपक गयी। उसके धक्कों में मुझे इतना मजा रहा था कि मैं भी अपने नितम्ब उछाल कर अपनी बुर(योनि) में उसके Land के धक्कों का मजा लेने लगी। दो तीन धक्कों में ही मेरी बुर(योनि) फच फच करने लगी। चार पांच धक्कों में ही मैं झड़ गयी। लेकिन अनुज के लम्बे Land के धक्के जारी थे और उसके बाद तो मैने पहली बार मल्टीपल ओर्गास्म का मतलब जाना क्योंकि हर दूसरे धक्के पर मेरी बुर(योनि) पानी छोड़ रही थी। मुझे अनुज से चुदाने में बहुत मजा रहा था कि मैं सिसकारियां भर रही थी। मैं एक्साइटमेंट में कई बर बोल भी पड़ी मुझे और जोर से चोदो। पूरा Land पेल दो। हाय, मेरी बुर(योनि) फाड़ डालो।
करीब मुझे तीस मिनटमिनट तक अनुज ने कई सारे पोज में कभी आगे से, कभी पीछे से, कभी खड़े खड़े और कभी अपने Land पर बिठा कर वहीं पर करण और निशा के सामने चोदा और मेरी बुर(योनि) में अपना सारा माल एक बर फिर से निकाल दिया। हम दोनो अब थक कर अलग हो गये। मेरी बुर(योनि) से अनुज का सारा माल निकल निकल कर मेरी जांघों पर टपक रहा था। अनुज अभी भी मेरी चूचियां मसल रहा था। उसका Land मेरी बुर(योनि) के रस से गीला हो कर चमक रहा था और गधे के Land की तरह नीचे लटक गया था।

School Ki Ladaki ki Chudai
कुछ समय के बाद मैं फिर से गरम हो गयी। मैने फिर से अनुज के Land को चूसना शुरु कर दिया। अनुज भी मेरी बुर(योनि) में उंगली डाल डाल कर और निकाल कर उंगली में लगे मेरे और उसके झड़े हुए माल को चाटने लगा। इतने जोर से झड़ कर भी मेरी चुदास शान्त नहीं हुई थी और मेरा मन कर रहा था कि मैं सारी रात अनुज के उस मोटे और लम्बे Land से मजे लेती रहूं। तभी हम सभी बाथरूम से बाहर गये अनुज का गधे जैसा लम्बा Land चलते समय उसकी दोनो टांगो के बीच लटका हुआ ऐसे मस्ताना हो कर झूल रहा था कि मैं उसके Land पर से नजर हटा ही नहीं पा रही थी। मैं अभी भी अनुज के लटकते हुए Land को देख रही थी। उसके बाद तो फिर पांच रातों तक हम चारों एक ही कमरे में सारी बत्तियां जला कर एक ही बिस्तर पर अलग अलग स्ताइल से एक-दूसरे को चोदते। वो पांच रातों में मैने जी भर कर ऐसी चुदाई करवाई कि मैं जीवन भर कभी भूल नहीं सकती।

Balatkar ki Chudai ki kahani
आखिरी रात को अनुज के उस लम्बे Land से मैं पता नहींन कितनी बार झड़ी। करण ने भी मेरी बुर(योनि) और मुंह में पता नहीं कितनी पिचकारियां मारी होंगी। मेरी बुर(योनि) को तो पांच दिन के बाद उसके Land ने खुला भोसड़ा बना दिया था। आखिरी दिन जब हम जब वो दोनो जाने लगे तब भी मुझ से रहा नहीं गया और मैने फिर से एक आखिरी बार अनुज के Land को चूस चूस कर इतना गरम कर दिया कि वो मेरे मुंह में ही झड़ गया। उसका कटोरी भर सारा सफ़ेद माल पी कर मैने उसको बुझते हुए दिल से गुड बाय कहा। हमे जाते वक्त उन्होने २००००/-रुपये के बिना २०००/- रुपये और भी दिया और साथ में ब्रा-पैंटी के इम्पोरटेड सेट भी दिये। अब चंडीगढ़ वापस आने के बाद हम दोनो उस रात की बात जरूर करते हैं और दोनो ही उत्तेजित हो कर एक दूसरे के साथ लेस्बियन करते। अनुज का गधे जैसा मोटा और लम्बा Land अभी भी आंखों के सामने जाता है।

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